पतंजलि

पतंजलि

द रिपोर्टर्स कलेक्टिव की एक जांच में पता चला है कि बाबा रामदेव और उनके सहयोगी पैसा लगाने और निवेश करने के लिए एक टैक्स-फ्री चैरिटेबल संगठन का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें पतंजलि द्वारा अधिगृहित दिवालिया कंपनी रुचि सोया का निवेश भी शामिल है.

पतंजलि समूह से जुड़े लोगों ने 2016 में योगक्षेम संस्थान नामक एक गैर-लाभकारी चैरिटी कंपनी की स्थापना की थी. इसका उद्देश्य था योग और आयुर्वेद केंद्रों की स्थापना और प्रचार करना, जिससे इसे टैक्स-फ्री का दर्जा प्राप्त हुआ. रिपोर्टर्स कलेक्टिव की जांच के दौरान प्राप्त कंपनी के रिकॉर्ड से पता चलता है कि इस गैर-लाभकारी संस्था ने छह वर्षों तक एक भी रुपये का दान नहीं किया. इसका उपयोग केवल करोड़ों रुपये के निवेश के लिए किया गया था, जिसमें रुचि सोया में रामदेव के करीबी सहयोगियों द्वारा किया गया निवेश भी शामिल था.

टैक्स कानूनों के अनुसार, ऐसी चैरिटेबल संस्थाओं के लिए व्यावसायिक निवेश और लाभ के लिए व्यापार करना प्रतिबंधित है, ताकि इन संस्थाओं को टैक्स दिए बिना लाभ कमाने के साधन के रूप में उपयोग न किया जा सके