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इलाहाबाद HC ने दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1985 का जिक्र करते हुए कहा कि कानून में नियम यह भी है कि वर-वधू को मिलने वाले उपहारों की सूची बननी चाहिए. कोर्ट ने कहा कि इससे यह स्पष्ट होगा कि क्या-क्या मिला था? शादी के दौरान मिलने वाले गिफ्ट्स को दहेज के दायरे में नहीं रख सकते. कोर्ट ने कहा कि दहेज और गिफ्ट्स में अंतर होता है, विवाद किसी और वजह से होता है लेकिन आरोप दहेज का लगा देते हैं.