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भारत आकर अंग प्रत्यारोपण कराने वाले सभी विदेशी मरीजों की जांच होगी। स्वास्थ्य महानिदेशालय ने राज्यों को दिए आदेश में कहा है कि थोटा अधिनियम 1994 के तहत जिम्मेदार एजेंसियों के जरिये उन सभी अस्पतालों में विदेशियों के प्रत्यारोपण की जांच कराई जाए, जिन्होंने भारत आकर अंगदान या फिर प्रत्यारोपण कराया है।

आदेश के मुताबिक, अंग प्रत्यारोपण के 48 घंटे के भीतर दाता और अंग लेने वाले दोनों की आईडी केंद्रीय एजेंसी के साथ साझा करनी होगी। अभी तक यह प्रक्रिया मृत दाता से प्राप्त अंगों के मामले में चल रही है, लेकिन अब इसे जीवित अंगदाता के मामले में भी अनिवार्य किया है