अंतर्राष्ट्रीय

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने देश के हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और 1971 की ढाका त्रासदी की परिस्थितियों के बीच तुलना की और आगाह किया कि नकदी संकट से जूझ रहे देश में मौजूदा हालात के परिणामस्वरूप अर्थव्यवस्था ठप पड़ सकती है। समाचार पत्र ‘डॉन’ ने अपनी एक खबर में बताया कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक अध्यक्ष खान ने रावलपिंडी की अदियाला जेल से एक संदेश में मौजूदा सरकार को याद दिलाया कि ‘देश और संस्थान स्थिर अर्थव्यवस्था के बिना नहीं बच सकते।’