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क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने 7 अप्रैल, रविवार को लेह से वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) तक पश्मीना मार्च का आह्वान वापस ले लिया है। शनिवार को लेह एपेक्स बॉडी ने चीन के साथ लगती चांगथांग सीमा तक प्रस्तावित मार्च वापस ले लिया। इसने कहा कि लोगों के हित में लेह एपेक्स बाडी ने यह कदम उठाया गया है। संगठन ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने लेह को युद्धक्षेत्र में बदल दिया है। इसने कहा कि वह कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के साथ किसी भी प्रकार के टकराव से बचने के लिए प्रस्तावित मार्च को वापस ले रही है।
संगठन ने कहा कि चीन हमारे चारागाह भूमि को हथिया ले रहा है पर केंद्र सरकार इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही ।
लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची में शामिल करने के लिए संगठन शांतिपूर्ण तरीके से अपने आंदोलन को जारी रखेंगी ।