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मुख्तार की बांदा मेडिकल कालेज में मौत के मामले में एमपी एमएलए कोर्ट के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कमल कांत श्रीवास्तव ने बांदा जेल प्रशासन के अधिकारियों पर केस दर्ज कराने से इन्कार कर दिया। मुख्तार के वकील की ओर से मौत को संदिग्ध बताते हुए 29 मार्च को दिया गया प्रार्थना पत्र भी कोर्ट ने खारिज कर दिया।