राजनीती

राजनीती

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि मुझे संघमित्रा को अपनी बेटी कहने में शर्म आती है. उसने मंच पर रोकर अपने पिता के चरित्र के विपरीत आचरण किया है. बेटी होने का मतलब ये नहीं कि उसकी गलतियां माफ़ हो गई. रोना धोना ओछी और बचकानी बातें हैं. मैंने उससे कहा कि उसे आरक्षण ख़त्म करने वाले दल के साथ नहीं खड़ा होना चाहिए. अनुसूचित जाति और जनजाति की राजनीति करने वाले लोग अगर उनका आरक्षण ख़त्म करने वालों के साथ खड़े हैं, तो इसे अच्छा नहीं कहा जा सकता. जो सांसद रह चुका है वो दूध पीता बच्चा नहीं है. उसे ख़ुद विवेक होना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी प्रतिभाओं को आगे बढ़ने से रोकती है.