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प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली जल बोर्ड में अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शनिवार को आरोप पत्र दायर किया है। लगभग 8,000 पेज का यह आरोप पत्र धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की विशेष अदालत में दायर किया गया।


 प्रवर्तन निदेशालय के आरोपियों में दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व मुख्य अभियंता जगदीश कुमार अरोड़ा, ठेकेदार अनिल कुमार अग्रवाल, एनबीसीसी के पूर्व महाप्रबंधक डीके मित्तल, तेजिंदर सिंह और एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड शामिल हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने इन आरोपियों पर पीएमएलए के तहत मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी है।


प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों के अनुसार, जलबोर्ड द्वारा जारी एक अनुबंध में भ्रष्टाचार से रिश्वत में मिले पैसे को सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी को चुनावी फंड के रूप में पारित किया गया था। एजेंसी ने मामले में पूछताछ के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी बुलाया था, लेकिन वह उसके सामने पेश नहीं हुए।