अंतर्राष्ट्रीय
इस्लामाबाद हाई कोर्ट के छह जजों ने चिट्ठी लिखकर आरोप लगाया है कि खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के लोग उन्हें आजादी से काम करने से रोक रहे हैं और दबाव डालकर और धमकी देकर गलत फैसले लिखने को मजबूर कर रहे हैं। इन जजों ने सुप्रीम ज्यूडिशियल काउंसिल से मामले में दखल देने की मांग की है।
पाकिस्तानी वेबसाइट डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक कि मंगलवार को, इस्लामाबाद हाई कोर्ट के आठ में से छह जजों ने सर्वोच्च सुप्रीम ज्यूडिशियल काउंसिल के सदस्यों को चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में न्यायाधीशों के रिश्तेदारों के अपहरण और उत्पीड़न के साथ-साथ उनके घरों के अंदर गुप्त निगरानी करने और उसके जरिए जजों पर दबाव बनाने के आरोपों का जिक्र है।
25 मार्च को लिखे गए इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले छह जजों में जस्टिस मोहसिन अख्तर कयानी, तारिक महमूद जहांगीरी, बाबर सत्तार, सरदार इजाज इशाक खान, अरबाब मुहम्मद ताहिर और जस्टिस समन रफत इम्तियाज शामिल हैं। हाईकोर्ट के जजों की इस चिट्ठी के बाद पाकिस्तान में हंगामा मच गया है।