राजनीती

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प्रवर्तन निदेशालय के हिरासत में रहते हुए अरविंद केजरीवाल द्वारा जल विभाग को जारी किए गए अपने आदेश पर सुरक्षा एजेंसियां सवाल खड़ा कर रही हैं।


अरविंद केजरीवाल ने जल विभाग को जो आदेश जारी किया था, उसमें कोई तारीख और सरकारी नंबर भी दर्ज नहीं था। जबकि, कोई भी सरकारी आदेश जारी होता है, तो उसमें एक खास नंबर और तारीख जरूर रहती है। इन दोनों के न होने के कारण ही सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर अरविंद केजरीवाल ने चिट्ठी भेजी कैसे और किसके जरिए ये आतिशी तक पहुंची। अगर जांच में कोई गड़बड़ी मिलती है, तो इससे अरविंद केजरीवाल के साथ ही आम आदमी पार्टी और आतिशी के लिए भी दिक्कत खड़ी हो सकती है