कोर्ट

कोर्ट

भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी और एनसीबी के पूर्व मुंबई जोनल निदेशक समीर वानखेड़े को राहत देते हुए, दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि उनके खिलाफ होने वाली किसी भी विभागीय जांच में एसईटी द्वारा दर्ज किए गए सबूतों पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए. किसी भी विभागीय जांच में जो उसके खिलाफ हो सकती है. कोर्ट के इस आदेश के बाद समीर वानखेड़े के उस दावे को बल मिलता है जहां वो पहले दिन से आरोपों को बेबुनियाद और गलत बताते रहे हैं.