Electoral bond
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर चुनावी बांड के संबंध में एसबीआई द्वारा जो आंकड़ा उपलब्ध कराया गया है उसमें अडानी अंबानी समूह का नाम नहीं है।
एसबीआई की ओर से चुनाव आयोग को दी गई जानकारी के अनुसार जिन बड़े दानकर्ताओं ने इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए बड़ा योगदान दिया है उनके नाम ये हैं-
फ्यूचर गेमिंग और होटल सर्विसेज - 1,368 करोड़ रुपये
मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड- 966 करोड़ रुपये
क्विक सप्लाई चेन प्राइवेट लिमिटेड - 410 करोड़ रुपये
हल्दिया एनर्जी लिमिटेड- 377 करोड़ रुपये
भारती ग्रुप - 247 करोड़ रुपये
एस्सेल माइनिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड - 224 करोड़ रुपये
केवेंटर फूडपार्क इंफ्रा लिमिटेड- 194 करोड़ रुपये
मदनलाल लिमिटेड - 185 करोड़ रुपये
डीएलएफ ग्रुप - 170 करोड़ रुपये
गाजियाबाद के यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने चुनावी बॉन्ड योजना के तहत 162 करोड़ रुपये दान में दिए हैं। यशोदा हास्पिटल की ओर से साल 2021 में एक-एक करोड़ के 17 बॉन्ड खरीदे गए। साल 2022 के 4 अप्रैल को 50 करोड़ के बॉन्ड, छह अप्रैल को 30 करोड़ के बाॅन्ड जबकि 7 और 15 नवंबर को 9 करोड़ के बॉन्ड खरीदे गए। यशोदा हास्पिटल की ओर से साल 2023 में भी 56 करोड़ रुपये के बॉन्ड की खरीदारी की गई।
उत्कल एल्यूमिना इंटरनेशनल- 145.3 करोड़ रुपये
जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड - 123 करोड़ रुपये
बिड़ला कार्बन इंडिया- 105 करोड़ रुपये
रूंगटा संस- 100 करोड़ रुपये
चुनाव आयोग की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार वेस्टर्न यूपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड ने चुनावी बॉन्ड के तहत 220 करोड़ रुपये का दान किया।
इलेक्टोरल बॉन्ड के आंकड़ों के अनुसार भारती एयरटेल और उससे संबद्ध कंपनियों ने साल 2019 से 2024 के दौरान 248 करोड़ रुपये के बॉन्ड खरीदे हैं।
बिड़ला समूह से जुड़ी कंपनियों ने 107 करोड़ रुपये के बॉन्ड की खरीदारी की है।
पिरामल समूह की कंपनियों ने चुनाव बॉन्ड में 48 करोड़ रुपये का चंदा दिया है।
दवा बनाने वाली कंपनी सिप्ला लिमिटेड ने 39.02 करोड़ रुपये जबकि धारीवाल इंफ्रा लिमिटेड ने 115 करोड़ रुपये के बॉन्ड्स खरीदे हैं। यह कंपनी आरपी संजीव गोयनका ग्रुप से संबंधित है।
जायडस समूह ने चुनावी बॉन्ड में कुल 29 करोड़ रुपये का योगदान दिया है।
किरण मजूमदार शॉ ने एक ही दिन में छह करोड़ का चंदा दिया है। 10 अप्रैल को उन्होंने 24 बॉन्ड खरीदे थे।
18 अप्रैल 2019 को लक्ष्मी मित्तल ने 35 बॉन्ड खरीदकर 35 करोड़ का चंदा दिया था।
कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक ने 10 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड खरीदे हैं।
वेदांता समूह से जुड़ी कंपनियों की ओर से 402 करोड़ रुपये के बॉन्ड खरीदे गए हैं।