उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा बजट आज एआई, सोलर, धार्मिक पर्यटन, कृषि, उद्योग और एमएसएमई पर रहेगा फोकस
उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा बजट आज
एआई, सोलर, धार्मिक पर्यटन, कृषि, उद्योग और एमएसएमई पर रहेगा फोकस
प्रदेश की योगी आदित्याथ सरकार के दूसरे कार्यकाल का तीसरा आम बजट आज विधानसभा में पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने रविवार को अपने कार्यालय कक्ष में हस्ताक्षर कर इसे अंतिम रूप दिया। इसका आकार 7.5 लाख करोड़ से ज्यादा रहने की उम्मीद है। बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सौर ऊर्जा, धार्मिक पर्यटन, कृषि, उद्योग और एमएसएमई पर फोकस रहने की संभावना है।
सुबह 11 बजे वित्त मंत्री सुरेश खन्ना बजट पेश करेंगे। इस बजट में सरकार कई नई घोषणाएं कर सकती है। चुनावी साल होने के चलते ऐसे अनुमान लगाए जा रहे हैं कि इस बजट में प्रदेश की जनता को तोहफे देने की कोशिश होगी। बजट के बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होगी। 6 और 7 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। आठ फरवरी को वित्तीय वर्ष 2024-25 के आय-व्ययक पर साधारण चर्चा होगी। 10 और 12 फरवरी को आय-व्ययक पर चर्चा के साथ अनुदान की मांगों पर विचार होगा। बजट प्रस्ताव पर मतदान होगा। 12 फरवरी को दोपहर 3 बजे उत्तर प्रदेश विनियोग विधेयक 2024 को सदन में पुनःस्थापन कर उसे पारित किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि यह सर्व समावेशी, सर्व स्पर्शी बजट प्रधानमंत्री के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प पर आधारित है। बजट प्रदेश को 10 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का मजबूत आधार स्तंभ बनेगा। प्रदेश के समग्र विकास के साथ ही आधारभूत ढांचे के पुननिर्माण और गरीबों, वंचितों, युवाओं, महिलाओं और किसानों को सम्मानजनक जीवन जीने के साथ उन्हें विकास की मुख्यधारा में लाने को समर्पित है। मुख्यमंत्री के वित्तीय अनुशासन और मार्गदर्शन में देश की अर्थव्यवस्था निरंतर सुदृढ़ हो रही है।
वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट सभी आधुनिक मापदंडों पर चलने का एक दस्तावेज है। प्रदेश के इस बजट में ऐसी सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, जिससे सभी नागरिक प्रदेश के विकास में अपना पूर्ण योगदान दे सकेंगे। कंधे से कंधा मिलाकर बिना किसी भेदभाव के आपसी भाईचारा के साथ प्रदेश के विकास में अपना योगदान देंगे।
सुरेश खन्ना ने कहा कि 1 फरवरी को संसद में प्रस्तुत अंतरिम बजट 2024-25 में यूपी को केंद्रीय करों में राज्यांश के हिस्से के रूप में 2,18,816 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। केंद्रीय बजट में गरीब, महिला, युवा और किसान का विशेष ध्यान रखा गया है। केंद्रीय बजट में अवस्थापना विकास पर अधिक जोर दिया गया है, जिसका सर्वाधिक लाभ उत्तर प्रदेश को मिलेगा।