आपका एक यूनिट खून बचाएगा तीन जिंदगी ब्लड डोनेशन सेहत के लिए अच्छा, जानें कब और किसे नहीं करना चाहिए ब्लड डोनेट
आपका एक यूनिट खून बचाएगा तीन जिंदगी
ब्लड डोनेशन सेहत के लिए अच्छा, जानें कब और किसे नहीं करना चाहिए ब्लड डोनेट
आज के आधुनिक दौर में टेक्नोलॉजी और मेडिकल साइंस ने चाहे कितनी भी तरक्की कर ली हो, लेकिन आज भी ब्लड यानी खून किसी फैक्ट्री में नहीं बनता। इसे बनाने वाली सुपर टेक्नोलॉजी आज भी हमारे शरीर में ही मौजूद है। ब्लड डोनेशन ही एकमात्र रास्ता है, जिससे किसी जरूरतमंद व्यक्ति को खून मिल सकता है।
पिछले साल विश्व रक्तदाता दिवस पर नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल कहा था, “भारत में हर दो सेकेंड में किसी-न-किसी को ब्लड की जरूरत होती है। देश में हर साल औसतन 1.46 करोड़ यूनिट ब्लड की जरूरत पड़ती है और 10 लाख यूनिट ब्लड की कमी रहती है।”
कैंसर, सिकल सेल एनीमिया, थैलेसीमिया जैसी बीमारियों के अलावा हार्ट, लिवर आदि की सर्जरी के समय भी पेशेंट को खून की जरूरत पड़ती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार आपके 1 यूनिट ब्लड डोनेट करने से तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है। लेकिन फिर भी जागरूकता की कमी और कई भ्रामक धारणाओं की वजह से लोग रक्तदान करने से कतराते हैं।
इसलिए आज हम सेहतनामा में बात करेंगे ब्लड डोनेशन और उससे होने वाले फायदों की। साथ ही जानेंगे कि-
• ब्लड डोनेट कैसे किया जाता है।
• ब्लड डोनेशन के समय किस तरह की सावधानियां जरूरी हैं।
• किन लोगों को ब्लड डोनेट नहीं करना चाहिए।
ब्लड डोनेशन से आप दूसरों की जिंदगी तो बचा ही सकते हैं। साथ ही आप भी कई बीमारियों से बच सकते हैं।
*हार्ट हेल्थ के लिए अच्छा है ब्लड डोनेशन*
कोलंबिया यूनिवर्सिटी की एक स्टडी के अनुसार नियमित ब्लड डोनेट करने से हाई ब्लड प्रेशर और दिल का दौरा पड़ने के खतरे कम होते हैं। इससे शरीर में आयरन की मात्रा नियंत्रित रहती है। आयरन की मात्रा ज्यादा होने से हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है।
*ब्लड डोनेशन से बनतीं ज्यादा रेड ब्लड सेल्स*
हमारे शरीर में लाल रक्त कणिकाएं (RBC) होती हैं, जिनकी उम्र करीब 4 महीने की होती है। यानी कि हमारी नसों में आज जो खून दौड़ रहा है, वह करीब 4 महीने बाद नष्ट हो जाएगा और उसकी जगह नया खून बन जाएगा। ब्लड डोनेट करने के बाद शरीर तेजी से नए RBC बनाने लगता है, जिससे बॉडी फिट रहती है।
*कैंसर का खतरा होता कम*
जर्नल ऑफ नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट में ब्लड डोनेशन को लेकर एक स्टडी छपी है। इस स्टडी के अनुसार जो लोग ब्लड डोनेट करते हैं, उनमें लिवर, फेफड़े, कोलन, पेट और गले के कैंसर का खतरा कम होता है।
*ब्लड डोनेट करने से वजन रहेगा कंट्रोल*
कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की रिसर्च के अनुसार नियमित ब्लड डोनेट करने से मोटापा भी कम होता है क्योंकि एक बार में 450ML ब्लड डोनेट करने से करीब 650 कैलोरीज बर्न होती हैं।
ये तो हो गए ब्लड डोनेट करने से शरीर को होने वाले फायदे। लेकिन अब इससे जुड़े कुछ दूसरे जरूरी पहलुओं पर भी बात करते हैं। क्या हर कोई ब्लड डोनेट कर सकता है। ब्लड डोनेशन से पहले डॉक्टर कौन-कौन से टेस्ट करते हैं और किन बातों की सावधानी बरती जाती है।
*कौन कर सकता है ब्लड डोनेट*
ब्लड बैंक हर किसी का ब्लड नहीं ले सकते हैं। इसे लेकर नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल द्वारा कुछ नियम बनाए गए हैं।
• ब्लड डोनेशन के लिए डोनर की उम्र 18 साल से ज्यादा और 65 साल से कम हो।
• डोनर को डेंगू, मलेरिया, एड्स, टीबी या कोई अन्य संक्रमित बीमारी न हो।
• एक बार ब्लड डोनेट करने के बाद पुरुष 3 महीने और महिलाएं 4 महीने के अंतराल पर ही दोबारा ब्लड डोनेट कर सकते हैं।
• ब्लड में हीमोग्लोबीन यानी RBC की संख्या 12.5 ग्राम या उससे ज्यादा होनी चाहिए।
• ब्लड डोनर का वजन कम-से-कम 45 किलो होना चाहिए।