एनएचआरसी ने लगातार पराली जलाने के लिए राज्यों को जिम्मेदार ठहराया

एनएचआरसी ने लगातार पराली जलाने के लिए राज्यों को जिम्मेदार ठहराया

नई दिल्ली । राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने कहा है कि किसान 'मजबूरी में' पराली जला रहे हैं और राज्य इसके लिए किसानों को दोष नहीं दे सकते। आयोग ने हाल ही में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बेरोकटोक वायु प्रदूषण के स्वत: संज्ञान के संबंध में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिवों की प्रतिक्रियाएं सुनीं।


आयोग ने कहा, "राज्य सरकारों को उन पराली से छुटकारा पाने के लिए फसल काटने वाली मशीनें उपलब्ध करानी हैं, लेकिन वे पर्याप्त संख्या में आवश्यक मशीनें और अन्य उपाय प्रदान करने में विफल रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप किसान पराली जलाने को मजबूर हैं, जिससे प्रदूषण हो रहा है।"


एनएचआरसी ने कहा, "इसलिए, कोई भी राज्य पराली जलाने के लिए किसानों को दोष नहीं दे सकता है, इसके बजाय यह सभी चार राज्य सरकारों की विफलता है कि राज्यों में पराली जलाई जा रही है..।"


आयोग ने संबंधित मुख्य सचिवों को मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 नवंबर को फिर से व्यक्तिगत रूप से या हाइब्रिड मोड में उपस्थित रहने और उसके द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर चार दिनों के भीतर 'सकारात्मक' जवाब देने को कहा है।